Wednesday, August 29, 2012

नींद ...

अलसायी  सी रात 
और अलसाया मैं...

छत पर छिटकी
चुटकी भर चाँदनी...
दूर कहीं बजती
विविध भारती 
रात-रानी की खुशबू 
और छायागीत- 
"पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा 
हाल हमारा जाने है..."

सिरहाने बैठे थपकियाँ करते 
जागे हुए से ख्वाब सारे...
चाँद भी थककर 
जो लेने लगा ऊबासियाँ 
सो जाऊं मैं की 
अब नींद को भी नींद आती है ...




- कुन्दन