यादों के पुराने एल्बम में
इक तस्वीर लगी है
वक़्त की धूल से
धुंधली पड़ती हुई...
रंग जो कभी मैंने चढ़ाये थे
अब फ़िके पड़ गए हैं ...
सोचता हूँ
वक़्त की डोर थामें
पीछे लौट जाऊं
जब 'वो' तस्वीर ना थी
और सारे रंग गिले थे...
कोशिश है आज
कि एक बार फिर-
वो तस्वीर बनाऊं
और कुछ रंग
जो छुट गए थे
सोचता हूँ
पुराने एल्बम में
तुम्हारी एक और तस्वीर लगाऊं...
कोशिश है आज
कि एक बार फिर-
वो तस्वीर बनाऊं
और कुछ रंग
जो छुट गए थे
उन्हें फिर से सजाऊं...
सोचता हूँ
पुराने एल्बम में
तुम्हारी एक और तस्वीर लगाऊं...
कोशिश है आज
ReplyDeleteकि एक बार फिर-
वो तस्वीर बनाऊं
सोचता हूँ
पुराने एल्बम में
तुम्हारी एक और तस्वीर लगाऊं...
बेहद सुन्दर।